

हिमाचल : बर्फबारी में भी नहीं सताएगी लोगों को राशन की कमी, इन क्षेत्रों में डिपुओं में मिलेगा बैकलॉग कोटा
पोल खोल न्यूज़ | शिमला
हिमाचल में कड़ाके की ठंड, आसमान से गिरती बर्फ की मोटी चादर और चारों ओर व्यवस्था ठप पड़ी है। बर्फबारी से घिरे दुर्गम इलाकों में सड़कें बंद हो गई हैं और ट्रांसफार्मर ठप होने से बिजली भी गुल है। ऐसे में इन क्षेत्रों में लोगों के लिए रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी सबसे बड़ी चुनौती बन गई है, लेकिन इसके बाद भी लोगों को राशन को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। इसके लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। हिमाचल प्रदेश में लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा जैसे जिलों के सबसे अधिक बर्फबारी वाले क्षेत्रों में पहले ही एडवांस में मार्च महीने के लिए सस्ते राशन का कोटा पहुंचा दिया था। इन जनजातीय जिलों में कुछ क्षेत्र ऐसे भी हैं, जहां हर महीने डिपुओं के जरिए राशन दिया जाता है। इसके लिए राज्य खाद्यान्न उद्योग ने बैकलॉग वितरण प्रणाली के विकल्प लागू करने को कहा है, ताकि ऐसे क्षेत्रों में भी उपभोक्ताओं को पहले ही सस्ते राशन का तीन महीने का कोटा उपलब्ध हो सके, ताकि लोगों को सड़कें और बिजली गुल होने पर भी सस्ते राशन की चिंता न करनी पड़े।
राज्य खाद्यान्न आयोग के अध्यक्ष डॉ. एसपी कत्याल का कहना है कि भारी बर्फबारी के बावजूद राज्य सरकार सभी लाभार्थियों को समय पर खाद्यान्न आपूर्ति के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि बर्फबारी के कारण कुछ क्षेत्रों में बिजली और इंटरनेट सेवा अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है। इससे उचित मूल्य की दुकानों में पॉइन्ट ऑफ सेल मशीनों के काम में दिक्कत आई है। इसके लिए राज्य सरकार, राज्य खाद्यान्न आयोग, और जिला प्रशासन ने मिलकर समय रहते जरूरी कदम उठाए हैं, ताकि किसी भी लाभार्थी को राशन से वंचित न किया जाए।
ये भी पढ़ें :डंके की चोट पर : UGC के नए नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त दखल सरकार को झटका , छात्रों को राहत
डॉ. कत्याल ने कहा कि सभी उचित मूल्य दुकानों में पर्याप्त राशन उपलब्ध है, जिनमें जनजातीय और बर्फ से ढके क्षेत्र भी शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में लाभार्थियों को मार्च महीने तक का राशन पहले ही दे दिया है, लेकिन जिन क्षेत्रों में हर महीने राशन दिया जाता है और बर्फबारी के कारण वितरण प्रभावित हुआ है, वहां बैकलॉग वितरण विकल्प लागू करने को कहा गया है। जैसे ही बिजली और इंटरनेट सेवा बहाल होगी, राशन वितरण फिर से आसानी से शुरू हो जाएगा। इसके लिए संबंधित जिलों के अधिकारियों को निर्देश दे दिए गए हैं कि वे प्रभावित क्षेत्रों की तुरंत पहचान करें और रिपोर्ट भेजें, विशेषकर जिन क्षेत्रों में बिजली और इंटरनेट की समस्या है। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर बैकलॉग विकल्प तुरंत लागू किया जाए, ताकि लोगों को राशन समय पर मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य खाद्यान्न आयोग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर हर समस्या का समय पर समाधान किया जा रहा है।

Author: Polkhol News Himachal









