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गणतंत्र भारत : उपलब्धियाँ, योजनाएँ और सतत भविष्य की ओर बढ़ता राष्ट्र

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गणतंत्र भारत : उपलब्धियाँ, योजनाएँ और सतत भविष्य की ओर बढ़ता राष्ट्र

सुनीता शर्मा । हमीरपुर 

26 जनवरी 1950 को भारत ने स्वयं को एक संप्रभु, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में स्थापित किया। यह दिन केवल संविधान लागू होने का प्रतीक नहीं है, बल्कि समानता, न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति राष्ट्रीय संकल्प का भी स्मरण कराता है। गणतंत्र बनने के बाद भारत ने अनेक चुनौतियों के बावजूद विकास, आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है।

भारत आज विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। नियमित चुनाव, स्वतंत्र न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं ने लोकतंत्र को मजबूत आधार प्रदान किया है। हाल के वर्षों में डिजिटल गवर्नेंस, ई-ऑफिस, ई-कोर्ट और ‘वन नेशन–वन राशन कार्ड’ जैसी पहलों ने शासन को अधिक पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाया है।

रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में भारत ने आत्मनिर्भरता की ओर ठोस कदम बढ़ाए हैं। परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनने के साथ-साथ स्वदेशी रक्षा उत्पादन, मेक इन इंडिया और डिफेंस कॉरिडोर जैसी योजनाओं ने भारत की सामरिक क्षमता को नई मजबूती दी है। तेजस विमान, ब्रह्मोस मिसाइल और आधुनिक सैन्य तकनीक इसका उदाहरण हैं।

विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में ISRO की उपलब्धियाँ भारत की वैश्विक पहचान बन चुकी हैं। चंद्रयान और मंगलयान जैसे मिशनों ने यह सिद्ध किया कि सीमित संसाधनों में भी विश्वस्तरीय सफलता हासिल की जा सकती है। आज डिजिटल इंडिया, आधार, UPI, 5G विस्तार और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन भारत को तकनीकी युग का अग्रणी राष्ट्र बना रहे हैं।

कृषि और ग्रामीण भारत देश की रीढ़ रहा है। हरित क्रांति से खाद्यान्न आत्मनिर्भरता के बाद अब प्राकृतिक खेती, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना और कृषि सिंचाई योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल उपलब्ध कराने का लक्ष्य सामाजिक बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

गणतंत्र भारत की वर्तमान यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष सतत विकास है। स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, राष्ट्रीय सौर मिशन, नमामि गंगे, मिशन LiFE (Lifestyle for Environment) और नवीकरणीय ऊर्जा कार्यक्रम यह दर्शाते हैं कि भारत विकास के साथ पर्यावरण संतुलन को भी समान महत्व दे रहा है।

शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई शिक्षा नीति 2020, आयुष्मान भारत योजना, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ, स्वयं सहायता समूह और लखपति दीदी योजना जैसे कार्यक्रम सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर हैं। इन पहलों ने समावेशी विकास की अवधारणा को मजबूत किया है।

आर्थिक मोर्चे पर भारत आज विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। स्टार्टअप इंडिया, मुद्रा योजना, पीएलआई स्कीम और आत्मनिर्भर भारत अभियान से रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। G20 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की सक्रिय भूमिका उसके बढ़ते वैश्विक कद को दर्शाती है।

     गणतंत्र भारत की यात्रा केवल उपलब्धियों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि एक सतत, समावेशी और भविष्यदृष्टि से परिपूर्ण राष्ट्र निर्माण की कहानी है। इस गणतंत्र दिवस पर यह संकल्प लेने का अवसर है कि नागरिक, समाज और सरकार मिलकर संविधान की भावना को साकार करते हुए भारत को आत्मनिर्भर, पर्यावरण-संवेदनशील और विश्व में मार्गदर्शक राष्ट्र बनाएँ।

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