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Republic Day 2026 : 26 जनवरी 2026 को भारत मनाएगा 77वां गणतंत्र दिवस, जानिए पूरा इतिहास

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🇮🇳 Republic Day 2026 : 26 जनवरी 2026 को भारत मनाएगा 77वां गणतंत्र दिवस, जानिए पूरा इतिहास, परेड टाइमिंग और 2026 के खास आकर्षण

1950 से चली आ रही गणतंत्र दिवस की परंपरा भारत की एकता, संविधान और सैन्य शक्ति का प्रतीक है। इस विस्तृत गाइड में पढ़ें 26 जनवरी क्यों चुनी गई, भारत कब गणराज्य बना, 77वें गणतंत्र दिवस की सही गणना, परेड का पूरा शेड्यूल और 2026 के खास हाइलाइट्स।

पोल खोल न्यूज़ डेस्क । हमीरपुर 

🟥 खास जानकारी

🇮🇳 26 जनवरी 2026 → भारत मनाएगा 77वां गणतंत्र दिवस

📜 परंपरा की शुरुआत → 1950

🛡️ प्रतीक → संविधान, लोकतंत्र, सैन्य शक्ति

🎉 आयोजन → परेड, झांकियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम

🟦 गणतंत्र दिवस का पूरा इतिहास: चरणबद्ध यात्रा

भारत की आज़ादी एक दिन में पूरी नहीं हुई, बल्कि यह दो अहम चरणों में पूर्ण हुई।

🔹 पहला चरण: 15 अगस्त 1947

भारत ब्रिटिश राज से स्वतंत्र हुआ, लेकिन तब तक देश के पास अपना संविधान नहीं था।

शासन व्यवस्था अभी भी गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट 1935 के तहत चल रही थी।

🔹 दूसरा चरण: 26 जनवरी 1950

इस दिन भारत ने अपने संविधान को अपनाया और खुद को

👉 संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया।

🟨 26 जनवरी 1930: पूर्ण स्वराज का ऐतिहासिक क्षण

26 जनवरी की तारीख का चुनाव यूं ही नहीं हुआ। 26 जनवरी 1930 को लाहौर अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पूर्ण स्वराज की घोषणा की इस आंदोलन का नेतृत्व पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया। यह दिन आज़ादी के संकल्प का प्रतीक बन गया।

🟩 संविधान निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा

संविधान सभा का गठन → 9 दिसंबर 1946

ड्राफ्टिंग कमेटी चेयरमैन → डॉ. भीमराव अंबेडकर

कुल समय → 2 साल 11 महीने 18 दिन (1142 दिन)

संशोधन → 11,000+ सुझाव

मूल संरचना →

395 अनुच्छेद

8 अनुसूचियां

📌 रोचक तथ्य:

भारतीय संविधान को प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने हस्तलिखित किया था,जिसे नंदलाल बोस ने कलात्मक रूप से सजाया।

🟥 26 जनवरी 1950: भारत बना पूर्ण गणराज्य

इस दिन ऐतिहासिक बदलाव हुए—

  • संविधान लागू हुआ
  • डॉ. राजेंद्र प्रसाद पहले राष्ट्रपति बने
  • डोमिनियन स्टेटस समाप्त
  • जनता सर्वोच्च शक्ति बनी

👉 भारत कानून से चलने वाला राष्ट्र बना।

🟦 ठीक 26 जनवरी ही क्यों चुनी गई?

  • 1930 की स्वराज घोषणा को सम्मान देने के लिए
  • 26 नवंबर (संविधान अंगीकरण तिथि) से टकराव से बचने के लिए
  • आज़ादी के संघर्ष और संविधान के बीच ऐतिहासिक निरंतरता बनाए रखने के लिए
📌 संदेश साफ था—

स्वतंत्रता सेनानियों का बलिदान व्यर्थ नहीं गया।

🟪 संविधान के बाद आए बड़े बदलाव

इन बदलावों ने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र बनाया—

  • मौलिक अधिकार लागू
  • जनता सर्वोच्च बनी
  • 1976 में 42वें संशोधन से मौलिक कर्तव्य जोड़े गए
  • राजा/रानी या शासक नहीं, संविधान सर्वोपरि हुआ

🟥 77वां गणतंत्र दिवस: सटीक गणना पुष्टि

भारत का पहला गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को मनाया गया था, जिसे हम पहला गणतंत्र दिवस मानते हैं। इसके बाद हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, और इसकी संख्या बढ़ती जाती है।

किसी भी वर्ष का गणतंत्र दिवस जानने के लिए बस उस वर्ष में से 1949 घटा दें।

उदाहरण के लिए 2026 में गणतंत्र दिवस की संख्या जानने के लिए 2026 – 1949 = 77 किया जाएगा।

इसी तरह 2025 में गणना करेंगे तो 2025 – 1949 = 76, यानी 2025 में 76वां गणतंत्र दिवस मनाया गया था।

फॉर्मूला: वर्ष – 1949 = गणतंत्र दिवस।

1950: 1st (1950-1949=1)

2025: 76वां

2026: 77वां (2026-1949=77)

इस तरीके से हर साल का गणतंत्र दिवस आसानी से पता लगाया जा सकता है। बस याद रखें कि पहला गणतंत्र दिवस 1950 में हुआ था, और उसके बाद हर साल की संख्या इसी क्रम में बढ़ती जाती है। ये गणितीय तरीका न केवल सरल है बल्कि गणतंत्र दिवस की ऐतिहासिक जानकारी समझने में भी मदद करता है। तो भ्रम दूर करें– हमेशा 1950 को 1 गिनें!

🚀 2026 गणतंत्र दिवस परेड: पूरा शेड्यूल

स्थान: कर्तव्य पथ, नई दिल्ली

समय (परंपरागत)

गेट खुलना → सुबह 7:00 बजे

प्रधानमंत्री श्रद्धांजलि → 9:30 बजे (नेशनल वॉर मेमोरियल)

मुख्य परेड → 10:30 बजे (लगभग 90 मिनट)

✈️ वायुसेना फ्लाईपास्ट

राफेल

सुखोई-30 MKI

मिग-29

अपाचे

एलसीएच प्रचंड

कुल 29 विमान

🌟 2026 के विशेष आकर्षण

  • नए सैन्य प्रदर्शन
  • ड्रोन और आधुनिक हथियार
  • पशु दस्ते: जंस्कार घोड़ा, बैक्ट्रियन ऊंट, आर्मी डॉग स्क्वाड
  • 30+ राज्यों/यूटी की झांकियां
  • 2500+ कलाकारों का सांस्कृतिक कार्यक्रम

अन्य आयोजन:

  • भारत पर्व (लाल किला)
  • एनसीसी रैली
  • प्रोजेक्ट वीर गाथा 5.0

🚌 दिल्ली आने वाले दर्शकों के लिए व्यवस्था

🚇 मेट्रो → सुबह 3:00 बजे से

🎫 टिकट धारकों को मुफ्त यात्रा

🅿️ पार्क एंड राइड सुविधा

🔒 सख्त सुरक्षा, ड्रोन/बैग प्रतिबंधित

💡 2026 का अतिरिक्त महत्व

आज के समय में जब—

  • अधिकार बनाम कर्तव्य पर बहस है
  • लोकतंत्र की परीक्षा हो रही है

तब गणतंत्र दिवस याद दिलाता है—

  • संविधान जीवंत दस्तावेज है (105+ संशोधन)
  • अधिकार तभी सुरक्षित हैं, जब कर्तव्य निभाए जाएं
  • भारत = विविधता में एकता

🟫 निष्कर्ष

26 जनवरी केवल उत्सव नहीं, बल्कि जिम्मेदारी है।

यह दिन हमें संविधान, लोकतंत्र और देश के प्रति हमारे कर्तव्यों की याद दिलाता है।

🇮🇳 77वां गणतंत्र दिवस – जय हिंद!

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