
हमीरपुर में अनधिकृत पीजी सेंटर बने छात्रों के लिए खतरा, फिर खुलेगी जांच की फाइल !
चिट्टे के तस्करों के आसान निशाने पर युवा, नियम-कानून ताक पर
रजनीश शर्मा। हमीरपुर
हमीरपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में अनधिकृत पीजी (पेइंग गेस्ट) सेंटरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। बिना किसी पंजीकरण, बिना सुरक्षा मानकों और बिना प्रशासनिक निगरानी के चल रहे ये पीजी सेंटर अब केवल अव्यवस्था ही नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं।
हाल ही में सामने आई घटनाओं और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इन पीजी सेंटरों में रहने वाले छात्र-छात्राएं चिट्टे (हेरोइन) के तस्करों के सीधे संपर्क में आ रहे हैं। तस्कर इन पीजी को आसान ठिकाना मान रहे हैं, क्योंकि यहां न तो कोई सत्यापन है और न ही जिम्मेदारी तय।
अनधिकृत पीजी: कानून के दायरे से बाहर
शहर में दर्जनों पीजी सेंटर ऐसे हैं जो नगर निगम, पुलिस और अग्निशमन विभाग की अनुमति के बिना संचालित हो रहे हैं।
इनमें से कई पीजी में—

- बाहरी लोगों का बेरोकटोक आना-जाना
- नशे से जुड़ी गतिविधियां
- अवैध रूप से युवकों-युवतियों का एक साथ रहना
- पहचान पत्र और पुलिस वेरिफिकेशन का अभाव
जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आ रही हैं।
चिट्टा तस्करों का नया जाल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चिट्टे के तस्कर खासतौर पर पीजी में रहने वाले नए छात्रों को निशाना बना रहे हैं।
पहले दोस्ती, फिर पार्टी और उसके बाद नशे की लत—यह पूरा नेटवर्क धीरे-धीरे छात्रों को अपराध की दुनिया में धकेल रहा है।
चिंताजनक बात यह है कि कई मामलों में पीजी संचालक जानबूझकर आंखें मूंदे हुए हैं, क्योंकि उन्हें केवल किराए से मतलब है।
माता-पिता की भूमिका भी अहम
अपने बच्चों को पढ़ाई के लिए बाहर भेजने वाले माता-पिता की जिम्मेदारी केवल फीस भरने तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
माता-पिता को चाहिए कि—
- पीजी का पंजीकरण और वैधता जांचें
- संचालक से लिखित नियम-शर्तें लें
- बच्चों से नियमित बातचीत रखें
- उनकी दिनचर्या और संगति पर नजर रखें
“बच्चा सुरक्षित है”—इस भरोसे में लापरवाही भविष्य में भारी पड़ सकती है।
पीजी संचालकों की जिम्मेदारी
पीजी सेंटर केवल कमाई का जरिया नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी हैं।
पीजी संचालकों को चाहिए—
- हर छात्र का पुलिस सत्यापन करवाना
- बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक
- नशे और अवैध गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस नीति
- महिला और पुरुष पीजी को अलग-अलग रखना
- सीसीटीवी, अग्निशमन उपकरण और आपात सुविधाएं सुनिश्चित करना
प्रशासन और नगर निगम की भूमिका
नगर निगम द्वारा जल्द ही पीजी सेंटरों के लिए स्पष्ट नियमावली और पंजीकरण प्रक्रिया लागू करने की बात कही जा रही है।
इसके तहत बिना अनुमति चल रहे पीजी सेंटरों पर कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान भी होगा।
इन्फो बॉक्स : पीजी सेंटर से जुड़े जरूरी कानून
लागू कानून / नियम
- नगर निगम अधिनियम (पंजीकरण अनिवार्य)
- पुलिस वेरिफिकेशन नियम
- अग्निशमन सुरक्षा अधिनियम
- किराया नियंत्रण और सार्वजनिक सुरक्षा नियम
गैर-कानूनी गतिविधियां
- बिना पंजीकरण पीजी संचालन
- नशे से जुड़ी गतिविधियां
- अवैध रूप से छात्र-छात्राओं का एक साथ रहना
- बाहरी व्यक्तियों का ठहराव
शिकायत कहां करें
- नजदीकी थाना
- नगर निगम कार्यालय
- महिला/छात्र हेल्पलाइन
निष्कर्ष
हमीरपुर जैसे शिक्षा केंद्र में यदि पीजी सेंटर ही युवाओं को नशे और अपराध की ओर धकेलने लगें, तो यह समाज के लिए गंभीर चेतावनी है।
अब समय आ गया है कि माता-पिता, पीजी संचालक, प्रशासन और समाज—सभी मिलकर जिम्मेदारी निभाएं, ताकि युवा सुरक्षित रहें और भविष्य बर्बाद न हो।
Author: Polkhol News Himachal









