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विकसित भारत G-RAM-G’ के बहाने मनरेगा का गला घोंट रही है केंद्र सरकार: नादौन में कांग्रेस का हल्ला बोल

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‘विकसित भारत G-RAM-G’ के बहाने मनरेगा का गला घोंट रही है केंद्र सरकार: नादौन में कांग्रेस का हल्ला बोल

 

रजनीश शर्मा। हमीरपुर 

नादौन विधानसभा क्षेत्र में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की प्रस्तावित नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस नेतृत्व के समर्थन में आयोजित इस आंदोलन में हजारों लोगों की भागीदारी रही।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन पृथ्वी चंद और मनरेगा संघर्ष समन्वयक विवेक कटोच की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजकर ‘विकसित भारत – G-RAM-G’ योजना की विसंगतियों पर कड़ा प्रहार किया। कांग्रेस नेताओं ने दो टूक कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके अस्तित्व से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

‘संघीय ढांचे पर हमला’

जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुमन भारती ने कहा कि केंद्र सरकार राज्यों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डालकर अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है। नई व्यवस्था में बजट की सीमा तय कर भार राज्यों पर डालना हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग की कि मनरेगा में केंद्र-राज्य का 90:10 अनुपात पूर्ववत रखा जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।

‘गरीब विरोधी प्रस्ताव’

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन पृथ्वी चंद ने साल में 60 दिन खेती के नाम पर काम बंद रखने के प्रस्ताव को गरीब-विरोधी बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन मजदूरों के पास अपनी जमीन नहीं है, वे उन महीनों में क्या करेंगे? उन्होंने कहा कि ‘कृषि विराम’ अनिवार्य नहीं बल्कि स्वैच्छिक होना चाहिए।

डिजिटल बाधाएं, मजदूरों की दिहाड़ी पर चोट

मनरेगा संघर्ष समन्वयक विवेक कटोच ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क की समस्या आम है। एनएमएमएस (NMMS) और बायोमेट्रिक हाजिरी के चलते मजदूर पूरा दिन काम करने के बावजूद दिहाड़ी से वंचित रह जाता है। ‘विकसित भारत’ के नाम पर योजना को सप्लाई-ड्रिवन बनाकर काम मांगने के कानूनी अधिकार छीने जा रहे हैं, जिसे कांग्रेस कतई स्वीकार नहीं करेगी।

ज्ञापन की प्रमुख मांगें

  • मनरेगा बजट को मांग आधारित और असीमित रखा जाए।
  • डिजिटल हाजिरी की अनिवार्यता सरल की जाए, ताकि तकनीकी खामी का खामियाजा मजदूर न भुगतें।
  • ‘विकसित भारत – G-RAM-G’ के वे प्रावधान तुरंत हटाए जाएं जो मजदूरों के अधिकारों में कटौती करते हैं।
  • पंचायतों के अधिकारों में कटौती और निर्णयों के केंद्रीकरण पर पुनर्विचार किया जाए।

इस मौके पर नादौन सहित आसपास के क्षेत्रों से आए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया और आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। प्रदर्शन में ओबीसी चेयरमैन मोहन लाल, कैप्टन प्रेम चंद शर्मा, कमल कुमार कम्मी, जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष अशोक संधू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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