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पीएम किसान योजना में नाम की मामूली त्रुटियों पर बड़ी राहत
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अब ‘मास ऑर्डर’ से होगा नाम सुधार, लाभार्थियों को मिलेगी किस्त
रजनीश शर्मा। हमीरपुर

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत नाम में मामूली त्रुटियों के कारण अटकी किस्तों को लेकर किसानों के लिए राहत भरी खबर है। तहसीलदार बमसन सौरभ धीमान की ओर से जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, अब नाम में छोटी-मोटी गलती (जैसे— वर्तनी, छोटा-बड़ा अक्षर, लघु अंतर आदि) के मामलों में लाभार्थियों को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाएगा।
तहसीलदार बमसन द्वारा दी गई जानकारी में बताया गया है कि जिन प्रकरणों में नाम का अंतर अत्यंत सूक्ष्म है और अभिलेखों से यह स्पष्ट है कि लाभार्थी वही व्यक्ति है, ऐसे मामलों में संबंधित पटवारी द्वारा आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इसके बाद लोक अदालत में सभी आवेदनों को एकत्र कर ‘मास ऑर्डर’ के माध्यम से नाम सुधार की कार्रवाई की जाएगी, ताकि पात्र किसानों को शीघ्र लाभ मिल सके।
इन दस्तावेजों की होगी आवश्यकता
आवेदन के साथ लाभार्थी को निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करने होंगे—
- ग्राम प्रधान की रिपोर्ट/प्रमाण पत्र
- शैक्षणिक प्रमाण पत्र (यदि उपलब्ध हो)
- पंचायत रिकॉर्ड/परिवार रजिस्टर की नकल
- आवेदक द्वारा शपथ पत्र
- नाम की पुष्टि करने वाला कोई अन्य वैध दस्तावेज
गंभीर मामलों में अलग प्रक्रिया
कार्यालय आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिन मामलों में नाम, पिता के नाम अथवा अन्य विवरणों में अधिक या गंभीर अंतर पाया जाएगा, वहां सामूहिक प्रक्रिया लागू नहीं होगी। ऐसे प्रकरणों का निपटारा नियमानुसार विस्तृत और अलग प्रक्रिया के तहत किया जाएगा।
अधिकारों पर नहीं पड़ेगा असर
तहसीलदार बमसन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश केवल नाम की लघु त्रुटियों के सुधार तक सीमित है और इससे किसी भी प्रकार के अधिकार, पात्रता अथवा हिस्सेदारी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
सभी संबंधित पटवारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें और जनहित को प्राथमिकता देते हुए कार्यवाही समयबद्ध ढंग से पूर्ण करें। यह आदेश 16 जनवरी 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
Author: Polkhol News Himachal









