
मां चिंतपूर्णी से खाटूश्यामजी तक HRTC बस सेवा: अब केवल सप्ताह में शुक्रवार को रवानगी और रविवार वापिसी
रजनीश शर्मा। हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ माता चिंतपूर्णी मंदिर से राजस्थान के आस्था के बड़े केंद्र खाटूश्यामजी तक शुरू की गई हिमाचल पथ परिवहन निगम (HRTC) की सीधी बस सेवा अब सप्ताह में एक दिन संचालित की जा रही है।
प्रतिदिन पर्याप्त सवारियां न मिलने के कारण यह रूट घाटे में चल रहा था, जिसके चलते निगम ने इसे हर शुक्रवार चलाने का निर्णय लिया है।
एक तरफ का सफर: कितने घंटे लगते हैं?
- चिंतपूर्णी (शुक्रवार 2:40 बजे दोपहर) → खाटूश्यामजी (शनिवार 8:30 बजे सुबह)
कुल समय: लगभग 17 घंटे 50 मिनट - खाटूश्यामजी (रविवार 5:00 बजे शाम) → ऊना (सोमवार 7:00 बजे सुबह)
कुल समय: लगभग 14 घंटे

यह लंबी दूरी की बस सेवा रात्रि यात्रा के रूप में श्रद्धालुओं को आरामदायक कनेक्टिविटी प्रदान करती है।
किन राज्यों से होकर गुजरती है बस?
यह बस तीन राज्यों से होकर गुजरती है—
- हिमाचल प्रदेश – चिंतपूर्णी, अम्ब, ऊना, हरोली, टाहलीवाल, संतोषगढ़
- पंजाब – नंगल, आनंदपुर साहिब , रोपड़ , मोहाली,
- हरियाणा – चंडीगढ़, अंबाला, पेहवा, कैथल, बरवाला, हिसार
- राजस्थान – राजगढ़, झुंझुनूं, सीकर, खाटूश्यामजी
HRTC बस सेवा का पूरा अप–डाउन टाइम टेबल
अप रूट (शुक्रवार)
- चिंतपूर्णी – 2:40 बजे दोपहर (प्रस्थान)
- ऊना – 4:45 बजे शाम (प्रस्थान)
- चंडीगढ़ सेक्टर-17 – 8:30 बजे रात (प्रस्थान)
- हिसार – 2:00 बजे रात (आगमन)
- झुंझुनूं – 5:00 बजे सुबह (आगमन)
- सीकर – 7:00 बजे सुबह (आगमन)
- खाटूश्यामजी – 8:30 बजे सुबह (आगमन)
डाउन रूट (रविवार)
- खाटूश्यामजी – 5:00 बजे शाम (प्रस्थान)
- सीकर – 6:30 बजे शाम (प्रस्थान)
- झुंझुनूं – 8:30 बजे रात (प्रस्थान)
- हिसार – 12:00 बजे रात (प्रस्थान)
- चंडीगढ़ सेक्टर-43 – 4:00 बजे सुबह (आगमन)
- ऊना – 7:00 बजे सुबह (आगमन)
खाटूश्यामजी का धार्मिक महत्व
खाटूश्यामजी को कलियुग के अवतार के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि महाभारत काल के वीर बर्बरीक को श्रीकृष्ण ने वरदान दिया था कि वे कलियुग में श्याम नाम से पूजे जाएंगे।
यहां फाल्गुन मेले के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। श्रद्धा, आस्था और मनोकामना पूर्ति के लिए खाटूश्यामजी का विशेष स्थान है।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा
माता चिंतपूर्णी और खाटूश्यामजी जैसे प्रमुख तीर्थों को जोड़ने वाली यह बस सेवा—
- श्रद्धालुओं को सीधी और सस्ती यात्रा सुविधा देती है
- हिमाचल, हरियाणा और राजस्थान के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देती है
- छोटे शहरों और कस्बों को राष्ट्रीय धार्मिक सर्किट से जोड़ती है
हालांकि फिलहाल यह सेवा सप्ताह में एक दिन सीमित है, लेकिन यदि श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती है तो भविष्य में इसे फिर से प्रतिदिन किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
श्रद्धालुओं के लिए यह बस सेवा आस्था, सुविधा और सफर—तीनों का संगम है।
Author: Polkhol News Himachal









