
मनरेगा की आत्मा पर प्रहार पंचायतों व ग्रामीण जनता के साथ धोखा : डॉ पुष्पेंद्र वर्मा
रजनीश शर्मा | हमीरपुर

विश्व की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना—मनरेगा—जिसे पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने महात्मा गांधी जी के विचारों से प्रेरित होकर ग्रामीणों को रोजगार का अधिकार देने हेतु कानून के तहत लागू किया था, आज अपनी मूल भावना से भटकाई जा रही है। इसी गंभीर मुद्दे को लेकर हमीरपुर विधानसभा कांग्रेस ,ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा के नेतृत्व में, गांव-गांव जनजागरण अभियान चला रही है।
आज इसी कड़ी में ग्राम पंचायत पंधेड के गांव बूल्ली पंधेड में कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और मजदूरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ. वर्मा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार उन राज्यों से बदले की भावना से कार्य कर रही है जहां गैर-भाजपा सरकारें हैं।

मनरेगा, जो ग्रामीण गरीबों के लिए रोजगार की गारंटी थी, उसका नाम बदलकर“ विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन” कर दिया गया है,यह न केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास है, बल्कि महात्मा गांधी के नाम और विचारों का अपमान भी है।
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उन्होंने कहा नई योजना में रोजगार की गारंटी समाप्त,पंचायतों की शक्ति खत्म, आप पंचायत प्रतिनिधि और पंचायत के लोग नहीं बल्कि ए सी कमरों में बैठकर दिल्ली से तय होगा काम का बजट,और बोझ राज्य सरकारों पर डाल दिया गया है। डॉ. वर्मा ने कठोर शब्दों में कहा— “महात्मा गांधी को गोली से खत्म नहीं किया जा सका। आज योजनाओं से उनका नाम हटाकर उनके विचारों को मिटाने की कोशिश हो रही है। लेकिन याद रखें—गांधी कोई नाम नहीं, विचारधारा हैं। जिसे इतिहास से मिटाया नहीं जा सकता।”
उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि— “अगर केंद्र सरकार की नीयत साफ है तो इस योजना का नाम ‘भगवान श्रीराम रोजगार गारंटी योजना’ रखकर दिखाए। लेकिन नीयत गरीब को सशक्त करने की नहीं, धर्म के नाम पर समाज को बांटने और राजनीति करने की है।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुखों द्वारा चलाए जा रहे चिट्टा-मुक्त हिमाचल पर भी जनता से अपील करते हुए कहा कि चिट्टा एक सामाजिक राक्षस है, जो युवाओं, परिवारों और आने वाली पीढ़ियों को समाप्त कर रहा है।
इसे मिटाने के लिए केवल सरकार नहीं, हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। डॉ. वर्मा ने बताया कि नशा बेचने वालों की सूचना देने वाले को ₹10,000 से ₹10 लाख तक का इनाम मिलेगा।इसके लिए 112 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रहेगी। उन्होंने ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कहा—“अपने गांव, अपने बच्चे, अपने भविष्य को बचाने के लिए चिट्टे के खिलाफ आवाज उठाएं। मिलकर लड़ेंगे तो हिमाचल को नशामुक्त बनाना संभव है।” अंत में डॉ. वर्मा ने कहा “हम मनरेगा के मूल स्वरूप, गांधीवादी विचारों और ग्रामीण गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमीरपुर विधानसभा के हर गांव में अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। जनता जाग चुकी है, अब आवाज को कोई दबा नहीं सकेगा।” इस अवसर पर बलदेव कालिया दीपराज कालिया सुरेश कुमार किशोर चंद जगदीश चंद तृप्ता देवी वह अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
Author: Polkhol News Himachal









