
आदतन नशा तस्करों को हिरासत में लेने की शर्तों को स्पष्ट करे राज्य सरकार : हाईकोर्ट
पोल खोल न्यूज़ | शिमला

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पीआईटी एनडीपीएस एक्ट 1988 अधिनियम के तहत आदतन नशा तस्करों को हिरासत में लेने के मामले में सरकार को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर और न्यायाधीश रोमेश वर्मा की खंडपीठ ने कहा कि हिरासत के स्थान और उसकी शर्तों को लेकर कानूनी स्पष्टता की कमी है। कोर्ट ने गृह सचिव को इन निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। वहीं, कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह पीआईटी एनडीपीएस अधिनियम की धारा 5 के तहत सामान्य या विशेष आदेश जारी करे। इसमें उन स्थानों और शर्तों को स्पष्ट रूप से निर्दिष्ट करना होगा, जहां हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को रखा जाएगा।
वहीं, अदालत ने सरकार को आदेश दिया है कि हिरासत स्थलों को निर्दिष्ट करने वाला आधिकारिक आदेश जल्द से जल्द यानी 15 जनवरी तक अनिवार्य रूप से जारी किया जाए। अदालत ने भाषाई बाधाओं को दूर करने के लिए भी कहा है और कहा कि आधिकारिक भाषा हिंदी में दी जानी चाहिए। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह हिरासत में लिए गए व्यक्ति को उसके अधिकारों के बारे में लिखित रूप में सूचित करे।
ये भी पढ़ें :शीतलहर की चपेट में हिमाचल, 7 से 12 जनवरी तक माैसम साफ रहने का पूर्वानुमान
अदालत ने याचिकाकर्ता की ओर से अवैध हिरासत को लेकर दायर याचिका और 50 लाख रुपये के मुआवजे की मांग को खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ता पवन कुमार जिसके खिलाफ कांगड़ा पुलिस स्टेशन में चरस और हेरोइन (चिट्टा) की तस्करी के 6 अलग-अलग मामले दर्ज थे। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव ने 5 मई 2025 को उसे तीन महीने के लिए हिरासत में रखने के आदेश दिए थे, जिसे बाद में बोर्ड ने और तीन महीने के लिए बढ़ा दिया था। इसको उन्होंने चुनौती दी थी।

Author: Polkhol News Himachal









