
पहाड़ों पर हिमपात के साथ हुआ नए साल का आगाज, मैदानी क्षेत्रों में बारिश से किसानों ने ली राहत की सांस
पोल खोल न्यूज़ | शिमला

हिमाचल प्रदेश में पहाड़ों पर हिमपात के साथ नए साल का आगाज हुआ है। बुधवार को नव वर्ष की पूर्व संध्या पर लाहौल के कोकसर, अटल टनल और मणिमहेश सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। बर्फबारी के कारण रोहतांग के लिए वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
गुलाबा से आगे वाहन ले जाने पर पुलिस ने प्रतिबंध लगा दिया है। उधर, मौसम विभाग ने वीरवार और शुक्रवार (एक और 2 जनवरी) को भी पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई है। 3 और 4 जनवरी को मौसम साफ रहेगा, जबकि 5 एवं 6 को फिर मौसम में बदलाव के आसार हैं। लाहौल-स्पीति और कुल्लू के अलावा बुधवार को चंबा और किन्नौर के पर्वतीय क्षेत्रों में भी हिमपात हुआ है।

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सुबह ऊंची चोटियों पर रुक-रुक कर फाहे गिरे, लेकिन दोपहर होते-होते कोकसर और अटल टनल के दोनों छोर में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया। इसी बीच, नया साल मनाने पहुंचे पर्यटकों ने भी यहां हिमपात का आनंद लिया। रोहतांग दर्रा पर 12 सेंटीमीटर, शिंकुला में 15, कुंजुम दर्रा में 15, जांस्कर- समदो में 10, बारालाचा में 20 और कोकसर में 5 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी रिकॉर्ड की गई है।

लाहौल घाटी और अटल टनल रोहतांग में बर्फ के फाहे गिरने से पर्यटक रोमांचित हो गए। पर्यटकों ने बर्फबारी का जमकर लुत्फ लिया। जिला चंबा के पांगी की हुडान भटोरी, सुराल भटोरी और अन्य चोटियों व भरमौर की ऊपरी चोटियों कुगति, काली छौ समेत मणिमहेश में हल्का हिमपात हुआ है। मनाली की ऊंची चोटियों सेवन सिस्टर पीक, मनाली पीक, घेपन पीक, हनुमान टिब्बा, देऊ टिब्बा, मांगनकोट और इंद्रासन में भी बर्फबारी हुई। उधर, शिमला सहित अधिकांश जिलों में बादल छाए रहे। प्रदेश के पांच जिले बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी, ऊना व सिरमौर कोहरे की चपेट में हैं। इसके चलते पूरे प्रदेश में शीत लहर तेज हो गई है।

नए साल के आगाज के साथ राष्ट्रीय राजधानी समेत समूचा उत्तर भारत भीषण ठंड से सिहर उठा है। मध्य से लेकर पूर्व और पूर्वोत्तर भारत तक कंपकंपी छाई हुई है। हिमालयी राज्यों में बारिश और बर्फबारी के बाद मैदानी इलाकों में बेहद सर्द हवाएं चल रही हैं। ठंड के साथ घनघोर कोहरे ने दुश्वारियां और बढ़ा दी हैं। सड़क, रेल एवं हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित होने से जिंदगी ठहर गई है। दिल्ली और श्रीनगर में 300 से अधिक उड़ानों पर असर पड़ा है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कम दृश्यता के कारण कम से कम 148 उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जिनमें 78 आगमन और 70 प्रस्थान वाली उड़ानें शामिल थीं। 150 से अधिक उड़ानें विलंब हुईं। अभी राहत की उम्मीद नजर नहीं आ रही। उत्तर भारत में चार से पांच दिन घना कोहरा बना रह सकता है।

Author: Polkhol News Himachal









