
हिमाचल प्रदेश में कई मेडिकल स्टोर भी युवाओं को परोस रहे नशा
पोल खोल न्यूज़ | शिमला
हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस और औषधि नियंत्रण विभाग ने राज्य स्तरीय विशेष अभियान चलाया। वहीं, इस अभियान का मकसद प्रतिबंधित और नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री, दुरुपयोग और डायवर्जन पर प्रभावी अंकुश लगाना था। गुप्त सूचनाओं के आधार पर अब तक प्रदेशभर में 100 से अधिक संदिग्ध केमिस्ट और मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया जा चुका है। बता दें कि विशेष अभियान के तहत सोलन में 6, सिरमौर 5, बद्दी 8, मंडी 5, कुल्लू 2, हमीरपुर 3, बिलासपुर 8, कांगड़ा सबसे अधिक 19, नूरपुर 7, चंबा 6 और ऊना 11 दुकानों की गहन जांच की गई। इस दौरान एनडीपीएस अधिनियम, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट सहित अन्य कानूनों के तहत लाइसेंस, खरीद-बिक्री रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर, मेडिकल पर्चे, बिलिंग और डिजिटल लेन-देन की बारीकी से जांच की गई।
जांच में आठ दुकानों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। ऊना जिले में एक मेडिकल स्टोर संचालक के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। यहां से 2330 ट्रामाडोल गोलियां, 800 प्रीगैबलिन कैप्सूल और करीब 24 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत बिलासपुर में दो दुकानों, जबकि बद्दी, ऊना, नूरपुर, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में एक-एक मेडिकल स्टोर के खिलाफ कार्रवाई की गई। इन दुकानों से कुल 2117 प्रीगैबलिन कैप्सूल और 14 स्ट्रिप एबॉर्शन किट जब्त की गईं। शेष दुकानों को नियमों के पालन के लिए सख्त चेतावनी दी गई है।
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वहीं, डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार के निर्देशों पर नशों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अवैध कारोबार करने वाले मेडिकल स्टोरों पर कार्रवाई की जा रही है। बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर संचालक नशीली दवाओं की अवैध बिक्री में संलिप्त पाए गए हैं। दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


Author: Polkhol News Himachal









