
“वोट नहीं, पहले सड़क!” रोपा गांव में वायरल वीडियो का सच आया सामने—बीजेपी-कांग्रेस नहीं, जमीन बनी सबसे बड़ी बाधा
बिंदिया ठाकुर | सुजानपुर
सुजानपुर के रोपा गांव पंचायत भलेठ से बीते दो दिनों से एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा था, जिसमें कुछ महिलाओं ने सड़क सुविधा न मिलने पर सीधे तौर पर बीजेपी और कांग्रेस दोनों को वोट न देने की बात कही थी। महिलाओं ने प्रशासन और पंचायत पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस वायरल वीडियो के बाद आज हमारी टीम ने गांव के उपप्रधान, प्रधान और संबंधित पक्षों से बातचीत कर पूरे मामले की जमीनी हकीकत जानी।
गांव के उपप्रधान जगन कटोच ने मीडिया के सामने तथ्यों के साथ स्पष्ट किया कि सड़क न बनने की सबसे बड़ी वजह सरकार या पंचायत नहीं, बल्कि जमीन से जुड़ा कानूनी पेंच है। उन्होंने बताया कि रोपा गांव को जाने वाला प्रस्तावित रास्ता मुस्त्रिका भूमि से होकर निकलता है, जिसमें कई लोगों के हिस्से हैं। ऐसे में जब तक सभी जमीन मालिक अपनी “एनओसी” (निक) नहीं देते, तब तक न तो प्रशासन और न ही पीडब्ल्यूडी विभाग कोई सड़क निर्माण कर सकता है।
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उपप्रधान ने यह भी बताया कि जिन महिलाओं ने कागजात हमीरपुर कार्यालय में जमा करवाने की बात कही थी, वे दस्तावेज इसलिए वापस हुए क्योंकि जमीन मालिकों की सहमति संलग्न नहीं थी। उन्होंने साफ कहा कि पंचायत स्तर पर यह कार्य संभव नहीं है, क्योंकि सड़क निर्माण की लागत करीब 2 से 2.5 करोड़ रुपये है। यह प्रस्ताव मुख्यमंत्री सड़क योजना के तहत डाला गया था, लेकिन दस्तावेज अधूरे होने के कारण लौट आया।
उन्होंने यह भी खुलासा किया कि संबंधित भूमि पर स्टे लगा हुआ है, जिससे किसी भी प्रकार का निर्माण फिलहाल असंभव है। विधायक सुजानपुर से भी इस विषय पर चर्चा हो चुकी है, जिन्होंने हर संभव मदद का आश्वासन दिया है। फिलहाल यह स्पष्ट है कि यह मामला राजनीति से ज्यादा जमीन मालिकों की रजामंदी से जुड़ा है—और सड़क नहीं, अभी गांव को सिर्फ 3 फुट का रास्ता ही नसीब है।


Author: Polkhol News Himachal









