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गणित से भय नहीं, मित्रता आवश्यक — सकारात्मक सोच और उचित मार्गदर्शन पर ज़ोर

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गणित से भय नहीं, मित्रता आवश्यक — सकारात्मक सोच और उचित मार्गदर्शन पर ज़ोर

रजनीश शर्मा | हमीरपुर

राजकीय (उत्कृष्ट) वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टौणी देवी में 22 दिसंबर को राष्ट्रीय गणित दिवस बड़े उत्साह, रचनात्मकता और शैक्षणिक उद्देश्य के साथ मनाया गया। यह दिवस महान गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया, जिनके योगदान ने भारतीय गणित को विश्व स्तर पर नई पहचान दिलाई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि विकसित करना तथा गणित से जुड़े डर को दूर करना रहा। इस अवसर पर विद्यालय में विभिन्न शैक्षणिक एवं रोचक गतिविधियों का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों के लिए गणित क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्रों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

प्रश्नों को इस प्रकार तैयार किया गया था कि वे न केवल गणनात्मक क्षमता, बल्कि तार्किक सोच और दैनिक जीवन से जुड़े गणितीय ज्ञान को भी परख सकें। क्विज के दौरान बच्चों में उत्साह और प्रतिस्पर्धात्मक भावना स्पष्ट रूप से देखने को मिली। इसके अतिरिक्त छोटे बच्चों द्वारा गणित आधारित विभिन्न गतिविधियाँ प्रस्तुत की गईं। विद्यार्थियों ने चार्ट, पोस्टर, खेलों और रोचक पहेलियों के माध्यम से गणितीय अवधारणाओं को सरल रूप में प्रस्तुत किया। वर्किंग मॉडल प्रदर्शनी इस कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही, जिसमें छात्रों ने अपने-अपने मॉडल के माध्यम से गणित के सिद्धांतों को व्यवहारिक रूप में समझाया। इन मॉडलों ने यह सिद्ध किया कि गणित केवल किताबों तक सीमित विषय नहीं, बल्कि जीवन से जुड़ा एक जीवंत ज्ञान है।

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इसके अलावा गणित आधारित एक्टिविटी ने सभी का दिल जीता और ज्ञान वर्धन किया बी.एड. प्रशिक्षु ईशा ने सभी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय गणित दिवस के महत्व, श्रीनिवास रामानुजन के जीवन और गणित के वास्तविक उद्देश्य के बारे में सरल एवं प्रेरक शब्दों में जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को यह संदेश दिया कि गणित रटने का विषय नहीं, बल्कि समझने और सोचने की कला है। विद्यालय के प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने इस अवसर पर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि गणित से डरने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि गणित जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी है और सही मार्गदर्शन व सकारात्मक सोच के साथ हर बच्चा इसे समझ सकता है। उन्होंने माता-पिता और शिक्षकों से भी अपील की कि बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उन्हें प्रश्न पूछने और गलतियों से सीखने के लिए प्रोत्साहित करें। उनका संदेश स्पष्ट था कि गणित को भय नहीं, मित्र के रूप में अपनाना चाहिए। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

इस अवसर पर रेखा, रवि, सविता, हिमांशु, शिवानी,अदिति,अर्पणा और मेहक ने विभिन्न गतिविधियों के दौरान बच्चों का मार्गदर्शन किया और उन्हें उत्साहित किया। शिक्षकों ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित किया कि हर बच्चा कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग ले सके। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में बच्चों के चेहरे पर आत्मविश्वास और खुशी साफ झलक रही थी। इससे विद्यार्थियों में आगे भी इस प्रकार की गतिविधियों में भाग लेने की प्रेरणा मिली। कुल मिलाकर, राष्ट्रीय गणित दिवस का यह आयोजन न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह बच्चों में गणित के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास सिद्ध हुआ। विद्यालय परिवार ने यह संदेश दिया कि गणित डर का नहीं, बल्कि समझ, तर्क और रचनात्मकता का विषय है।

 

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