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Himachal : मनरेगा का नाम बदलने पर सुक्खू सरकार करेगी आंदोलन

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Himachal : मनरेगा का नाम बदलने पर सुक्खू सरकार करेगी आंदोलन

पोल खोल न्यूज़ | शिमला

देशभर में मनरेगा के नाम बदलने को लेकर गरमाई सियासत के बीच अब प्रदेश की कांग्रेस सरकार भी बड़े आंदोलन की तैयारी कर रही है। बता दें कि मुख्यमंत्री समेत सरकार के सभी मंत्री इस योजना को बंद करने के खिलाफ एक दिन का अनशन करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के दरबार में जल्द ही सभी मंत्री एक दिन का अनशन भी करेंगे।

कमला नेहरू अस्पताल में रविवार को पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ करने पहुंचे मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मनरेगा एक ग्रामीण रोजगार योजना थी। इसे ग्रामीण लोगों को रोजगार देने के लिए लाया गया था। यह सौ दिन की रोजगार योजना थी, जिसमें महिलाओं और अन्य लोगों को रोजगार मुहैया करवाया जा रहा था। यह योजना पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी की सोच थी।

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उन्होंने कहा कि जब कोरोनाकाल में रोजगार खत्म हो गया था तो उस समय भी मनरेगा ने रोजगार दिया। प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने इस योजना के तहत 80 रुपये तक दिहाड़ी भी बढ़ा दी थी। कहा कि इसे अब बंद किया जा रहा है, जिससे नुकसान होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि केएनएच से गायनी वार्ड को आईजीएमसी शिफ्ट कर दिया गया है। इससे यहां बेड की कमी नहीं होगी। कहा कि पर्यटन कारोबार से सरकार को 18 फीसदी जीएसटी आता है। ऐसे में सरकार इस पर ज्यादा ध्यान दे रही है।

बताते चलें कि प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष विनय कुमार के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी 22 दिसंबर को शिमला उपायुक्त कार्यालय के बाहर केंद्र सरकार की ओर से मनरेगा का नाम बदलने और इसके मूल उद्देश्य को कमजोर करने के विरोध में धरना- प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन में प्रदेश मामलों के सह प्रभारी चेतन चौहान और विदित चौधरी सहित प्रदेश कांग्रेस के नेता व पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे।

विनय कुमार ने सभी नेताओं, पूर्व पीसीसी, जिला, ब्लॉकों और अग्रणी संगठनों के सभी नेताओं सहित शिमला नगर निगम के सभी पार्षदों और पूर्व पार्षदों को इस धरना-प्रदर्शन में शामिल होने को कहा है। उन्होंने पूर्व कांग्रेस सरकार की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और मजदूरों के लिए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम से शुरू की गई महत्वाकांक्षी योजना मनरेगा का नाम बदलने की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार ने इसका नाम बदलकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम का अपमान तो किया ही है। साथ ही इसे कमजोर भी कर दिया है। कांग्रेस गरीब व असहाय लोगों के अधिकारों के लड़ाई से कभी पीछे नहीं हटेगी।

 

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