
तालाबों से बदलेगी तक़दीर: भोंरज में पुराने जल स्रोत बनेंगे पर्यटन की पहचान
दिम्मी, सम्मू और कंज्याण के तालाबों को नया जीवन, विकास और रोज़गार की नई राह
रजनीश शर्मा। हमीरपुर
कभी गांव की प्यास बुझाने और पशुओं के सहारे रहे तालाब, अब भोंरज विधानसभा क्षेत्र में विकास और पर्यटन की नई कहानी लिखने जा रहे हैं। विधायक सुरेश कुमार की पहल पर क्षेत्र के पुराने और उपेक्षित जल स्रोतों को आधुनिक स्वरूप देकर न केवल संरक्षित किया जा रहा है, बल्कि उन्हें आकर्षक पर्यटन स्थलों के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। यह पहल जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण पर्यटन—तीनों को एक साथ साधने का प्रयास है।

दिम्मी तालाब: 50 लाख से संवरेगा गांव का आईना
भोंरज विधानसभा क्षेत्र के दिम्मी में स्थित तालाब का व्यापक सौन्दर्यकरण किया जाएगा, जिस पर करीब 50 लाख रुपये खर्च होंगे। इस कार्य का जिम्मा जल शक्ति विभाग संभालेगा। योजना के अनुसार तालाब को पर्यावरण के अनुकूल और दर्शनीय स्वरूप दिया जाएगा।
तालाब में आधुनिक फवारे लगाए जाएंगे, वहीं प्राकृतिक माहौल को जीवंत बनाने के लिए मछलियां और बतख छोड़ी जाएंगी। इससे न सिर्फ तालाब की सुंदरता बढ़ेगी, बल्कि जैव विविधता को भी नया सहारा मिलेगा।

तालाब के चारों ओर बदलेगा नज़ारा
दिम्मी तालाब तक पहुंचने और उसके आसपास के क्षेत्र के विकास का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाएगा। तालाब से जुड़ी सड़क के दोनों ओर आधा-आधा किलोमीटर तक पेवर ब्लॉक लगाए जाएंगे।
इसके साथ ही सड़क किनारे पौधारोपण, राहगीरों व पर्यटकों के लिए बैंच, और सुगम आवागमन की व्यवस्था की जाएगी। इस विकास कार्य पर भी लगभग 50 लाख रुपये की लागत आएगी। यानी तालाब और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र एक सुंदर, सुरक्षित और सुसज्जित सार्वजनिक स्थल के रूप में उभरेगा।

सम्मू ताल: अंतिम चरण में सौन्दर्यकरण
विधायक सुरेश कुमार के अनुसार भोंरज क्षेत्र का एक अन्य महत्वपूर्ण जल स्रोत सम्मू ताल अब अपने अंतिम रूप में है। इसका सौन्दर्यकरण कार्य लगभग पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह तालाब क्षेत्र के लिए नया आकर्षण बनेगा और आसपास की गतिविधियों को गति देगा।

कंज्याण में 2 करोड़ का नया तालाब
भोंरज विधानसभा क्षेत्र के कंज्याण में लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से एक नए तालाब का निर्माण प्रस्तावित है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसका भी सौन्दर्यकरण किया जाएगा।
इस तालाब में भी मछलियां और बतख छोड़ी जाएंगी, ताकि यह सिर्फ जल संग्रहण का साधन न रहकर एक पर्यटन और अवकाश स्थल के रूप में विकसित हो सके।
पर्यटन, रोज़गार और पहचान
विधायक सुरेश कुमार का कहना है कि भोंरज क्षेत्र में ऐसे कई स्थान हैं, जहां इस तरह के विकास कार्य किए जा सकते हैं। उन्हें चिन्हित किया जा रहा है ताकि आने वाले समय में भोंरज को ग्रामीण पर्यटन के नक्शे पर मजबूती से स्थापित किया जा सके।
इन योजनाओं से जहां क्षेत्र की सुंदरता बढ़ेगी, वहीं स्थानीय युवाओं को रोजगार, छोटे कारोबार और स्वरोज़गार के अवसर भी मिलेंगे।
तालाबों से भविष्य की उम्मीद
भोंरज में तालाबों का यह कायाकल्प सिर्फ ईंट, पत्थर और फव्वारों तक सीमित नहीं है। यह प्रयास गांवों की आत्मा को संवारने, पानी को सहेजने और विकास को प्रकृति से जोड़ने की सोच का प्रतीक है।
अगर योजनाएं ज़मीन पर उसी भावना से उतरती हैं, तो आने वाले वर्षों में भोंरज के ये तालाब इलाके की पहचान और गर्व बन सकते हैं।

इन्फो बॉक्स | भोंरज में तालाब विकास की पूरी तस्वीर
- दिम्मी तालाब सौन्दर्यकरण: ₹50 लाख
- दिम्मी तालाब क्षेत्र विकास (सड़क, पेवर ब्लॉक, बैंच, हरियाली): ₹50 लाख
- सम्मू ताल: सौन्दर्यकरण कार्य अंतिम चरण में
- कंज्याण नया तालाब: ₹2 करोड़ की लागत से निर्माण प्रस्तावित
- मुख्य आकर्षण: फवारे, मछलियां, बतख, हरित क्षेत्र
- उद्देश्य: जल संरक्षण, पर्यावरण संतुलन, पर्यटन और रोज़गार
Author: Polkhol News Himachal









