
मनरेगा का नाम बदलना गरीब विरोधी सोच का प्रमाण: प्रेम कौशल
रजनीश शर्मा। हमीरपुर
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व मुख्य प्रवक्ता प्रेम कौशल ने मनरेगा का नाम बदलने के केंद्र सरकार के फैसले पर गहरा खेद जताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा शुरू से ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के विरोधी रहे हैं, जिसका प्रमाण प्रधानमंत्री का संसद में दिया गया प्रारंभिक भाषण है।
कौशल ने कहा कि मनमोहन सिंह सरकार द्वारा लागू यह कानून ग्रामीण क्षेत्रों में 100 दिन के रोजगार की गारंटी देकर ऐतिहासिक साबित हुआ है। इससे न केवल ग्रामीण जनता के जीवन स्तर में सुधार हुआ बल्कि महिला सशक्तीकरण को भी नई दिशा मिली।
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उन्होंने आरोप लगाया कि योजना का नाम बदलने के साथ ही फंडिंग पैटर्न को 90:10 से बदलकर 60:40 करना केंद्र सरकार की मंशा को उजागर करता है। आर्थिक संकट से जूझ रही प्रदेश सरकारों के लिए 40 प्रतिशत हिस्सेदारी जुटाना कठिन होगा, जिससे योजना को अप्रत्यक्ष रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है। प्रेम कौशल ने कहा कि भाजपा और केंद्र सरकार की नीतियां गरीब और जरूरतमंद जनता के हितों के खिलाफ हैं।


Author: Polkhol News Himachal









