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रिश्तेदार तो दूर, बेटा भी हो चिट्टा अपराध में शामिल तो नहीं मिलेगी रियायत: लखनपाल

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रिश्तेदार तो दूर, बेटा भी हो चिट्टा अपराध में शामिल तो नहीं मिलेगी रियायत: लखनपाल

रजनीश शर्मा। हमीरपुर

बड़सर के विधायक इंद्रदत्त लखनपाल ने चिट्टा तस्करी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि यह अपराध समाज को भीतर से खोखला कर रहा है और इसमें संलिप्त किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह रिश्तेदार हो या अपना बेटा ही क्यों न हो, किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि चिट्टा जैसे जघन्य अपराध में शामिल लोगों को कानून के तहत सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए और किसी भी स्तर पर रियायत नहीं दी जानी चाहिए।

प्रेस बयान में विधायक लखनपाल ने कहा कि यदि कोई आरोपी चिट्टे के साथ पकड़ा जाता है, तो उसे गिरफ्तार करने के बाद छोड़े जाने का औचित्य क्या है, इसका जवाब पुलिस को जनता और मीडिया के सामने देना चाहिए। उन्होंने सीधे सवाल करते हुए कहा कि आरोपी को जेल भेजने के बजाय छोड़ा जाना गंभीर सवाल खड़े करता है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

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विधायक ने यह भी कहा कि जो लोग चिट्टा तस्करों के संरक्षक बनकर उन्हें जमानत दिलाने में भूमिका निभाते हैं, उनके खिलाफ भी आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी माता-पिता, अधिकारी या जनप्रतिनिधि नहीं चाहता कि उसका बच्चा नशे की गिरफ्त में जाए, लेकिन यदि कोई इस अपराध में लिप्त पाया जाता है तो रिश्तों की आड़ लेकर बचाने के बजाय सीधे आरोपी पर कार्रवाई होनी चाहिए।

इंद्रदत्त लखनपाल ने कहा कि आरोपी युवक के साथ उनके कथित संबंधों को उछालना दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने दो टूक कहा कि नशे से उनका या उनके परिवार का कोई संबंध नहीं है और किसी जनसेवक को बदनाम करने या दिखावटी अभियानों से नशे की समस्या खत्म नहीं होगी। इसके लिए जमीनी स्तर पर सख्त और ईमानदार लड़ाई लड़नी होगी, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। विधायक ने कहा कि प्रदेश में नशे की आपूर्ति करने वाली जड़ों को काटना ही इस गंभीर समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान है।

 

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