
प्रतिभा, सेवा और अनुशासन का संगम – कबीर का राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस परेड हेतु चयन
रजनीश शर्मा | हमीरपुर
राजकीय (उत्कृष्ट) वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टौणी देवी के कक्षा +2 के छात्र कबीर विद्यालय के उन चुनिंदा विद्यार्थियों में से हैं, जो प्रत्येक गतिविधि में अग्रणी रहते हुए अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनते हैं। कबीर की सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा सेवा कार्यों में सक्रिय और निरंतर सहभागिता उसे एक आदर्श विद्यार्थी के रूप में स्थापित करती है। वह न केवल शैक्षणिक कार्यों में सजग रहता है, बल्कि विद्यालय जीवन के प्रत्येक पक्ष में जिम्मेदारी और समर्पण के साथ अपनी भूमिका निभाता है। कबीर की एक विशिष्ट पहचान उसकी गायन प्रतिभा है। प्रार्थना सभा हो या विद्यालय का कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम, उसका मधुर और भावपूर्ण स्वर वातावरण को सकारात्मक ऊर्जा से भर देता है।
संगीत के प्रति उसका लगाव मात्र एक शौक नहीं, बल्कि अनुशासन, साधना और आत्म-अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। गायन के माध्यम से वह न केवल मनोरंजन करता है, बल्कि विद्यार्थियों और शिक्षकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने का कार्य भी करता है। उसके गीतों में अनुशासन, संवेदना और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से झलकता है। सेवा के क्षेत्र में भी कबीर सदैव आगे रहता है। विद्यालय परिसर की स्वच्छता, विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम कार्यक्रमों की तैयारी, अनुशासन व्यवस्था बनाए रखने तथा जरूरतमंद साथियों की सहायता करने में वह बिना किसी दिखावे के योगदान देता है। उसकी सेवा भावना यह सिद्ध करती है कि सच्चा नेतृत्व पद या पुरस्कार से नहीं, बल्कि कर्म, संवेदना और जिम्मेदारी से जन्म लेता है।
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शिक्षकगण उसे एक विश्वसनीय और अनुशासित स्वयंसेवक के रूप में जानते हैं। इसी के चलते ऊना में आयोजित प्री-रिपब्लिक डे कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कबीर का राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस परेड के लिए चयन होना उसकी अथक मेहनत, अटूट आत्मविश्वास और अनुशासित जीवन-शैली का जीवंत प्रमाण है। यह उपलब्धि केवल कबीर की व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे विद्यालय के लिए गर्व का क्षण है। उसकी यह सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरक संदेश देती है कि नियमित अभ्यास, सकारात्मक सोच और दृढ़ संकल्प के साथ किया गया प्रयास अवश्य ही लक्ष्य तक पहुँचाता है। राज्य स्तरीय चयन के उपरांत विद्यालय पहुँचने पर कबीर का विद्यालय परिवार द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर उसकी सेवाभावना, अनुशासन और सक्रिय योगदान को देखते हुए उसे “विद्यालय का सर्वश्रेष्ठ स्वयंसेवक के रूप में सम्मानित किया गया।
इस सम्मान से विद्यालय परिसर में उत्साह, प्रेरणा और गर्व का वातावरण देखने को मिला। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य रजनीश रांगड़ा ने कबीर की प्रशंसा करते हुए कहा कि वह शिक्षा, संस्कृति और सेवा तीनों क्षेत्रों में संतुलन बनाकर आगे बढ़ने वाला अनुकरणीय छात्र है। उन्होंने कहा कि ऐसे विद्यार्थी विद्यालय की वास्तविक पहचान होते हैं और अन्य छात्रों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय विद्यालय के कार्यक्रम अधिकारी विजय शर्मा को दिया, जिनके सतत मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अनुशासित अभ्यास ने कबीर को इस स्तर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी विजय शर्मा ने कहा कि कबीर की यह सफलता उसके समर्पण, अनुशासन और निःस्वार्थ सेवा का परिणाम है। वह विद्यालय के प्रत्येक छात्र के लिए सच्ची प्रेरणा है। विद्यालय परिवार, शिक्षकगण, सहपाठी और अभिभावक कबीर के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं और विश्वास व्यक्त करते हैं कि वह आगे भी विद्यालय और समाज का नाम रोशन करता रहेगा।


Author: Polkhol News Himachal









