best news portal development company in india

High Court: ड्रग तस्कर शाह को जमानत देने से हिमाचल हाईकोर्ट का इन्कार

SHARE:

High Court: ड्रग तस्कर शाह को जमानत देने से हिमाचल हाईकोर्ट का इन्कार

पोल खोल न्यूज़ | शिमला

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने ड्रग तस्कर कोलकाता निवासी संदीप शाह को जमानत देने से इन्कार कर दिया है। बता दें कि अदालत ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और बार-बार भगोड़ा घोषित होने के आचरण पर गंभीर चिंता व्यक्त की। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने कहा कि हिमाचल प्रदेश सहित पूरा देश ड्रग्स की समस्या से जूझ रहा है और यहां के अधिकांश युवा ड्रग माफिया के चंगुल में हैं। वहीं, अदालत ने टिप्पणी की कि अगर याचिकाकर्ता की व्यक्तिगत स्वतंत्रता और आजादी को संरक्षण दिया जाता है, तो यह समाज के लिए अभिशाप बन सकता है।

वहीं, अदालत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट से निर्देश मिला है कि ट्रायल फरवरी 2026 तक पूरा किया जाए, जिसके विफल होने पर सह-आरोपी संतोष कुमार जमानत के लिए स्पेशल कोर्ट जा सकता है। संदीप शाह सात फरवरी 2025 से सलाखों के पीछे है। उस पर शिमला के सदर पुलिस थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। आरोपी से 7.98 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया था। जांच में खुलासा हुआ कि शाह दिल्ली में अफ्रीकी मूल के एक व्यक्ति के संपर्क में आया और वर्चुअल नंबर का उपयोग कर शिमला में चिट्टा की आपूर्ति करने लगा। वह सह-आरोपी वीर सिंह (जो कूरियर से चिट्टा लेता था) और संतोष कुमार (जो रहने की व्यवस्था करता था) के माध्यम से धंधा चला रहा था। चिट्टा बेचने से मिला पैसा चंपा देवी और प्रेम सिंह के नाम पर मौजूद यूपीआई आईडी के जरिए संदीप शाह को भेजा जाता था। आरोपी व्च्ट्सट्सएप कॉल का उपयोग करता था ताकि रिकॉर्डिंग से बचा जा सके।

ये भी पढ़ें: संसद में ई-सिगरेट विवाद: आखिर क्या है E.Cigarette और क्यों मचती है हर बार इतनी बहस?

अदालत ने पाया कि संदीप के खिलाफ कुल छह आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें से पांच एनडीपीएस अधिनियम के तहत हैं। न्यायालय ने उल्लेख किया कि संदीप शाह को अलग-अलग मामलों में तीन बार भगोड़ा अपराधी घोषित किया जा चुका है। आरोपी 2021 से ड्रग तस्करी में संलिप्त है।

 

Leave a Comment

error: Content is protected !!

Follow Us Now