
टौणी देवी में नाप–नपाई महाभारत : दुकानदार लाइन में, शिकायतकर्ताओं के अपने पुस्तैनी मकान भी अब कटघरे में
रजनीश शर्मा। हमीरपुर

टौणी देवी बाजार में जमीन किसकी, कब्जा किसका, दावा किसका और नाराज़ कौन—इन सबके बीच राजस्व विभाग अब 28 दुकानों की नाप-नपाई का बाजा फिर बजाने जा रहा है।
मजेदार मोड़ यह है कि जिन शिकायतकर्ताओं ने दूसरों की दुकानों पर ऊंगली उठाई थी, अब उनके ही पुश्तैनी घर सरकारी भूमि पर हैं या नहीं, इसकी भी नाप-नपाई होने वाली है।
बाजार में चर्चा गर्म है—
“खो-खो के इस खेल में अब कौन ‘इन’ होगा और कौन ‘आउट’, ये पटवारी की टेप ही बताएगी!”
स्थिति इतनी रंगीन है कि अखबारों में कुछ लोगों को भू-माफिया बताकर छाप दिया गया, बाद में खंडन छपा, खंडन कोर्ट में सबूत बन गया, और कोर्ट से पहले ही बाजार की अदालत लग गई—जहां हर कोई खुद को सही और दूसरे को गलत साबित करने में लगा है।
अगर 28 दुकानदारों पर पीला पंजा चला, तो लड़ाई आगे बढ़ते-बढ़ते उन सरकारी रास्तों तक पहुँच जाएगी, जिन पर शिकायतकर्ताओं के पुश्तैनी मकान टिके हैं।
उधर, राजस्व मिसलें बननी शुरू हुई नहीं और प्रधान पद के कई चाहवान नामांकन से पहले ही क्लीन बोल्ड होने की तैयारी में हैं।
कुल मिलाकर, टौणी देवी में आने वाले दो दिनों में प्रांतीय सरकार मालिकाना हक की लड़ाई अब रामायण नहीं, सीधे आर-पार की महाभारत मोड में दिखने वाली है!
अखबारों की खबरों में उन लोगों को भी लपेटे में लेने की कोशिश की गई जो अपनी ही मलकीयत जमीन में निर्माण कर रहे थे। भू माफिया जैसे शब्दों का सार्वजनिक प्रकाशन होने पर आक्रोशित जमीन के मालिकों द्वारा लीगल नोटिस भी जारी हुए है और कथित झूठी खबरें छापने के मामले प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया तक भी पहुंचे है। बेशक अब उन खबरों के खंडन छप चुके है लेकिन यही छपे हुए खंडन अब कोर्ट एविडेंस भी बनने जा रहे हैं।
इन्फो बॉक्स
विवाद का केंद्र
- टौणी देवी बाजार में जमीन का मालिकाना हक
- 28 दुकानदारों की दुकानें जांच के दायरे में
- शिकायतकर्ताओं के पुश्तैनी घर भी अब नापे जाएंगे
राजस्व कार्रवाई
- विभाग जल्द ही नाप-नपाई शुरू करेगा
- जमीन रिकॉर्ड (मिसलें) बनने के बाद कई खुलासे संभव
मीडिया एंगल
- कुछ लोगों को भू-माफिया बताने पर विवाद
- खंडन प्रकाशित, अब कोर्ट एविडेंस बन रहा है
संभावित परिणाम
- दुकानदारों पर कार्रवाई हुई तो सरकारी रास्तों का मामला भी गर्माएगा
- प्रधान पद के दावेदारों का समीकरण बिगड़ सकता है
माहौल
- बाज़ार में ‘खो-खो की राजनीति’ चरम पर
- आने वाले दो दिन बेहद निर्णायक


Author: Polkhol News Himachal









