

खुशहाली की फसल: जमनोटी के किसानों की प्राकृतिक खेती से चमकी किस्मत
रजनीश शर्मा। हमीरपुर
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा राज्य में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के प्रयासों का असर अब ग्रामीण स्तर पर भी दिखने लगा है। ग्वालपत्थर पंचायत के कई किसान प्राकृतिक खेती से नई खुशहाली की तरफ बढ़ रहे हैं।
नादौन क्षेत्र के ग्राम पंचायत ग्वालपत्थर के गांव जमनोटी में प्राकृतिक खेती किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। कमल किशोर और कुसुम लता ने रासायनिक खादों को छोड़कर गोबर की खाद, जीवामृत और देसी घोल से खेती शुरू की है। गोभी, मटर, शलगम, मूली और ब्रॉकली जैसी सब्जियों को बाजार में अच्छे दाम मिल रहे हैं, जिससे दोनों किसान एक सीजन में ढाई से तीन लाख रुपये तक मुनाफा कमा रहे हैं।
कुसुम लता के पति मदन लाल, जो होमगार्ड्स से रिटायर हैं, अपनी 5 कनाल भूमि पर पूरी तरह प्राकृतिक पद्धति से खेती कर रहे हैं। रासायनिक खाद व कीटनाशकों से दूरी ने खेती का खर्च लगभग समाप्त कर दिया है और भूमि की उर्वरता भी बनी हुई है।


Author: Polkhol News Himachal









