
जमानत राशि में भारी विषमता पर भड़की जिला राजपूत महासभा, सरकार के फैसले को तुरंत बदलने की मांग
रजनीश शर्मा। हमीरपुर
पंचायत चुनावों की जमानत राशि में भारी वृद्धि और सामान्य वर्ग व आरक्षित वर्ग के बीच दोगुनी-दोगुनी राशि तय करने को लेकर जिला राजपूत महासभा हमीरपुर ने कड़ा विरोध जताया है। महासभा का कहना है कि सरकार का यह निर्णय न केवल भेदभावपूर्ण है बल्कि बड़ी संख्या में सामान्य वर्ग के लोगों को चुनाव लड़ने के लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित करने वाला कदम है।
महासभा के अनुसार पहले वार्ड पंच के लिए सामान्य वर्ग की जमानत राशि 150 रुपये और आरक्षित वर्ग की 75 रुपये थी, जिसे अब दोगुना से भी अधिक बढ़ा दिया गया है। प्रधान और उपप्रधान पदों के लिए सामान्य वर्ग की राशि 150 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये तथा आरक्षित वर्ग की 75 रुपये से बढ़ाकर 750 रुपये कर दी गई। पंचायत समिति सदस्य के लिए सामान्य वर्ग की जमानत राशि 150 रुपये से 400 रुपये और अनुसूचित वर्ग की 75 रुपये से 200 रुपये निर्धारित की गई है। वहीं जिला परिषद सदस्य के लिए दोनों वर्गों के लिए 15 गुना तक की वृद्धि कर 1500 और 3000 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
राजपूत महासभा ने आरोप लगाया कि सरकार यदि सभी वर्गों के लिए समान जमानत राशि तय करती तो न तो उसे कोई आर्थिक नुकसान होता और न ही समाज में जातिगत भेदभाव बढ़ता। महासभा ने कहा कि जमानत राशि में की गई यह असमान वृद्धि “अन्यायपूर्ण” है और इससे सामान्य वर्ग के अनेक लोग चुनावी प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे।
महासभा ने सरकार से मांग की है कि वह तुरंत इस निर्णय को वापस ले, जमानत राशि में एकरूपता लाए या इसे जाति के बजाय आर्थिक आधार पर निर्धारित करे। महासभा ने स्पष्ट किया कि वह किसी भी ऐसी सरकारी नीति के खिलाफ खड़ी रहेगी जो समाज में जातिगत विषमता को बढ़ावा देती हो या राजनीतिक तुष्टिकरण पर आधारित हो।
यह बयान राजपूत महासभा के अध्यक्ष अजमेर ठाकुर, महासचिव जोगिंदर ठाकुर, महिला विंग अध्यक्षा वीना कपिल, भूतपूर्व विंग अध्यक्ष अनिल ठाकुर और लीगल सेल कोऑर्डिनेटर एडवोकेट दिनेश ठाकुर द्वारा संयुक्त रूप से जारी किया गया।


Author: Polkhol News Himachal









