
अब दिव्यांग गोलू का सहारा कौन…सासन की पीड़िता नहीं रही, PGI में तोड़ा दम — हमीरपुर दहल गया दर्दनाक घटना से
हमीरपुर/सासन / रजनीश शर्मा
सासन गांव की वह पीड़िता, जिस पर 3 नवंबर को हुए अमर्यादित हमले ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, आखिरकार जिंदगी की जंग हार गई। PGI चंडीगढ़ में छह दिनों तक मौत से लड़ने के बाद देर रात उसने दम तोड़ दिया। इस खबर ने हमीरपुर जिला समेत पूरे प्रदेश को गहरे दुख में डुबो दिया है।
पीड़िता की मृत्यु के साथ एक सवाल और भी बड़ा होकर सामने खड़ा हो गया है—दिव्यांग गोलू का अब सहारा कौन बनेगा? मां की असमय मौत ने इस मासूम की जिंदगी में ऐसी खाली जगह छोड़ दी है जिसे कोई भर नहीं सकता।
छह दिन का असहनीय दर्द
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल महिला को पहले हमीरपुर और फिर PGI रेफर किया गया। डॉक्टरों की कोशिशें जारी रहीं, परंतु शरीर पर गहरे जख्मों ने अंततः साथ छोड़ दिया। परिजन बताते हैं कि अस्पताल में हर क्षण दर्द और बेबसी के बीच बीता, जिसे शब्दों में बयान करना संभव नहीं।
आरोपी की उम्र पर उठ रहे सवाल
घटना में शामिल आरोपी को नाबालिग बताते हुए बाल सुधार गृह भेजा गया है। लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकरण ने ‘नाबालिग’ की कानूनी परिभाषा पर नए सिरे से विचार करने की आवश्यकता उजागर कर दी है।
लोगों की राय है कि ऐसे घिनौने अपराधों में उम्र नहीं, अपराध की गंभीरता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसे कृत्य की कल्पना मात्र से ही कोई भयभीत हो।
समाज के लिए कड़ा संदेश
यह घटना समाज के उस खतरनाक मोड़ की ओर इशारा करती है, जहां अपने ही घरों—अपने ही बच्चों—की परवरिश पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है।
हमीरपुर के सामाजिक संगठनों और ग्रामीणों ने कहा कि
“व्यस्तता के बीच माता-पिता को बच्चों पर नजर और समय दोनों देना चाहिए, ताकि कोई और परिवार इस तरह के दर्द से न गुजरे।”
गांव में मातम, मासूम गोलू की आंखों में खोज…
पीड़िता के घर में मातम पसरा है। दिव्यांग गोलू—जो अपनी मां पर पूरी तरह निर्भर था—अब हर आवाज़ पर उसे ढूंढता है।
गांव की महिलाएं और पड़ोसी उसकी ओर देखते ही फफक पड़ते हैं। सबके मन में एक ही सवाल है—
“अब इस मासूम की जिंदगी का सहारा कौन बनेगा?”
न्याय की मांग तेज
गांव से लेकर पूरे जिले में न्याय की मांग बुलंद हो रही है। लोग चाहते हैं कि इस घटना में शामिल दोषी को ऐसी सख्त सजा दी जाए कि समाज में एक कड़ा संदेश जाए और ऐसी क्रूरता दोहराने का साहस कोई न कर सके।
Author: Polkhol News Himachal









