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नादौन की बदलती तस्वीर — सुक्खू सरकार में विकास का नया अध्याय
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पूर्व मंत्री नारायण चंद पराशर की रखी नींव पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने खड़ा किया आधुनिक नादौन
रजनीश शर्मा | हमीरपुर

हिमाचल प्रदेश का नादौन विधानसभा क्षेत्र, जो कभी विकास के मोर्चे पर पिछड़ा माना जाता था, आज मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व में पूरे प्रदेश के लिए आदर्श बन गया है। तीन वर्षों में यहां हुए कार्यों ने नादौन की सूरत और सीरत दोनों बदल दी हैं।
यह वही क्षेत्र है जहां से पूर्व कांग्रेस सांसद एवं राज्य मंत्री नारायण चंद पराशर ने राजनीति की मजबूत नींव रखी थी। उनके कार्यकाल में शुरू हुई विकास की यात्रा को सुक्खू सरकार ने नई दिशा और ऊंचाई दी है।
🔹 पराशर के समय रखी गई थी बुनियाद
पूर्व मंत्री नारायण चंद पराशर ने नादौन को शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई थी। उनके कार्यकाल में सरकारी कॉलेज, आईटीआई, स्वास्थ्य केंद्रों और सड़कों की नींव रखी गई। नादौन बस अड्डा, डाकघर भवन, पंचायत भवनों और सामुदायिक केंद्रों का निर्माण हुआ। ग्रामीण क्षेत्रों तक पेयजल और बिजली योजनाएं पहुंचीं।उनके प्रयासों से नादौन धीरे-धीरे एक संगठित विकास पथ पर बढ़ने लगा।
🔹 मुख्यमंत्री सुक्खू के नेतृत्व में विकास की रफ्तार
मुख्यमंत्री बनने के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अपने गृह क्षेत्र नादौन को विकास की प्रयोगशाला बना दिया है। बीते तीन वर्षों में यहां कई ऐसी योजनाएं शुरू हुईं जो नादौन को आधुनिक मॉडल क्षेत्र बना रही हैं।
📘 शिक्षा में क्रांति
नादौन कॉलेज का उन्नयन, नई पोस्टग्रेजुएट कक्षाओं की शुरुआत।
स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लैब और मॉडल स्कूलों का निर्माण।
क्षेत्र में राजीव गांधी गुणवत्ता शिक्षा मिशन के तहत उच्च शिक्षा सुविधाओं का विस्तार।
🏥 स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा सुधार
नादौन सिविल अस्पताल का विस्तार, नई आधुनिक बिल्डिंग का निर्माण कार्य प्रगति पर। 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं, ब्लड टेस्टिंग लैब, टेलीमेडिसिन सेंटर की शुरुआत। मातृ-शिशु केंद्र और नई एम्बुलेंस सेवाओं से ग्रामीणों को राहत।
🛣️ सड़क और पुलों का नेटवर्क
नादौन बाईपास परियोजना को गति, जिससे शहर को जाम से राहत। नादौन से गलोड़, मझीण, सप्पड़ और बग्गा तक सड़क चौड़ीकरण पूरा। नई ग्रामीण सड़कों को PMGSY और NABARD योजनाओं में शामिल किया गया।
🌊 ब्यास तट पर्यटन परियोजना
रिवरफ्रंट डेवेलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत ब्यास नदी किनारे ट्रैकिंग पथ, व्यू प्वाइंट, लाइटिंग और कैफे जोन विकसित किए जा रहे हैं। धार्मिक पर्यटन सर्किट में नादौन के प्राचीन मंदिरों को जोड़ा गया। स्थानीय युवाओं को इको-टूरिज्म प्रोजेक्ट्स से रोजगार के अवसर।
🌾 किसान और युवा केंद्र में
किसानों के लिए सौर पंप, सिंचाई योजनाएं, पशुपालन सहायता योजनाएं।
युवाओं को स्टार्टअप फंडिंग और स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ा गया।

महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना और नारी को नमन कार्यक्रम लागू।
🔹 नादौन बना विकास का रोल मॉडल
आज नादौन न केवल मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र है बल्कि “हिमाचल के विकास मॉडल” का उदाहरण बन चुका है। पारदर्शी शासन, जनसंपर्क और ठोस कामों ने जनता में विश्वास की नई लहर पैदा की है।जहां नारायण चंद पराशर ने नादौन की नींव रखी थी, वहीं सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उसे विकास के शिखर तक पहुंचा दिया है।

Author: Polkhol News Himachal









