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Bhai Dooj 2025: यम और यमुना की पौराणिक कथा, कैसे हुई भाई दूज मनाने की शुरुआत? पढ़ें यहाँ….

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Bhai Dooj 2025: यम और यमुना की पौराणिक कथा, कैसे हुई भाई दूज मनाने की शुरुआत? पढ़ें यहाँ….

पोल खोल न्यूज़ डेस्क | हमीरपुर

दिवाली के तीसरे दिन भाई दूज अर्थात यम द्वितीया का त्योहार मनाया जाता है। भाई दूज को संस्कृत में भागिनी हस्ता भोजना कहा जाता है। भाई दूज को भैया दूज, भाऊ बीज, भात्र द्वितीया, भाई द्वितीया एवं भतरु द्वितीया भी कहते हैं। भाई दूज के दिन बहनें अपने भाइयों का तिलक कर उनकी लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की प्रार्थना करती हैं।

इस दिन बहनें व्रत रखती हैं। भाई को अपने घर बुलाकर उनको तिलक करती हैं। कलावा बांधती हैं और आरती उतारती हैं। इसके बाद बहनें अपने भाइयों को मिठाई खिलाती हैं, इसके बाद भाई अपनी बहनों को गिफ्ट देते हैं। भाई और बहन का ये त्योहार मृत्यु के देवता यमराज और उनकी बहन यमुना जी से जुड़ा है। इसकी एक पौराणिक कथा है। आइए जानते हैं कि भाई दूज मनाने की शरुआत कैसे हुई?

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भाई दूज शुभ मुहूर्त 2025

भैया दूज तिथि प्रारंभ: 22 अक्टूबर 2025, रात 08:16 बजे
भैया दूज तिथि समाप्त: 23 अक्टूबर 2025, रात 10:46 बजे
भैया दूज पूजा मुहूर्त: दोपहर 01:13 से 03:28 बजे तक

भाई दूज की कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान सूर्य की पत्नी छाया के गर्भ से यमराज और यमुना जी का जन्म हुआ था। यमुना जी अपने भाई से अपने घर आकर भोजन करने का हमेशा निवेदन करती थीं, लेकिन यमराज बहुत व्यस्त होते थे और वो अपनी बहन यमुना जी के निवेदन को टाल दिया करते थे। ,एक दिन कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को अचानक यमराज अपनी बहन यमुना जी के घर पहुंच गए।

यमुना जी अपने भाई को अचानक अपने घर पर देखकर बहुत खुश हुईं। इसके बाद यमुना जी ने अपने भाई का प्रेम-पूर्वक आदर-सत्कार किया, उनको भोजन करवाया। यमुना जी के आदर-सत्कार से यमराज बहुत प्रसन्न हुए और उनसे वरदान मांगने के लिए कहा। तब यमुना जी ने अपने भाई से कहा कि आप हर साल इस दिन मेरे यहां भोजन करने आया करेंगे।

साथ ही यमुना जी ने अपने भाई यमराज से कहा कि आप मुझे ये वरदान दें कि इस दिन जो भी बहन अपने भाई को तिलक लगाकर भोजन करवाएगी उसे आपका भय नहीं सताएगा। इस पर यमराज ‘तथास्तु’ कहकर यमपुरी चले गए। तभी से भाई दूज का त्योहार मनाने की शुरुआत हो गई। मान्यता है कि जो भाई इस दिन यमुना में स्नान करके अपनी बहन का आतिथ्य स्वीकार करते हैं उनको यमराज का भय नहीं रहता।

Disclaimer:इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। पोल खोल न्यूज़ इसकी पुष्टि नहीं करता है।

 

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