
पंचायतनामा : टौणी देवी ब्लॉक की बधाणी पंचायत में गड़बड़ियों को लेकर बीडीओ के पास भेजी शिकायत, 10 लाख रुपए गोलमोल होने के आरोप
मलकीयत जमीन पर पंचायत द्वारा रास्ता न बनाने के बाद भड़का विवाद
रजनीश शर्मा। हमीरपुर

पंचायत चुनावों की आहट के बीच ग्राम पंचायत प्रधानों के खिलाफ भी लोग मुखर होने लग पड़े हैं। पंच परमेश्वरों पर कई झूठे सच्चे निशाने लग रहे हैं कहीं सीमेंट घोटाला तो कहीं सोलर लाइट घोटाला सामने आना शुरू हो चुके हैं। लोग पुख्ता सबूत लेकर मीडिया तक पहुंच रहे हैं और मीडिया भी इन शिकायतों को प्रमुखता से स्थान दे भ्रष्टाचार के रंग में रंगे प्रधानों की पोल खोलने में जुट चुका है।
इसी कड़ी में टौणी देवी ब्लॉक की बधाणी पंचायत में निर्माण – कार्यों में गंभीर अनियमितताएं बरतने का मामला गरमा गया है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत बीडीओ व डीपीओ हमीरपुर से करके 15 दिनों में जांच कर दोषियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित – करने की मांग उठाई है। वहीं यह भी जानकारी मिली है कि किसी मलकीयत जमीन पर जबरदस्ती रास्ता बनाने से इनकार करने के बाद यह विवाद सामने आया है। विवादित जमीन का मामला सिविल कोर्ट में होने के बावजूद पंचायत पर रास्ता पक्का करने का दबाव बनाया जा रहा था।
इन ग्रामीणों ने खोला मोर्चा
ग्रामीणों पृथी चंद ठाकुर, मिलाप चंद, पुरुषोत्तम लाल, अश्वनी कुमार, राकेश कुमार, मनजीत सिंह व संतोष कुमार ने अपनी शिकायत में कहा कि अगर इन अनियमितताओं की जांच 15 दिनों के भीतर नहीं की तो वे इस मामले में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर करने से परहेज नहीं करेंगे क्योंकि पंचायत को लेकर जो आरटीआई में खुलासा हुआ है। उसमें लाखों के गोलमाल और पंचायती राज – अधिनियमों के सरेआम उल्लंघन की बात सामने – आई है। लोकल ऑडिट रिपोर्ट में भी पंचायत पर निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं बरतने और – रिकार्ड के साथ टेंपरिंग किए जाने का खुलासा हुआ है। ग्रामीणों ने 52 पन्नों की यह रिपोर्ट भी आरटीआई से प्राप्त की है।
चौकीदार की पत्नी के नाम पर मिठाइयों के 31 हजार के बिल
पंचायत चौकीदार की पत्नी के नाम पर भी मिठाइयों के करीब 31 हजार के बिल लगाए हैं। यहां यह बात क्लीयर कर दें कि चौकीदार की पत्नी की अपनी मिठाई की दुकान है। आरोप है कि गांव दलालड़ में पौधारोपण के नाम पर करीब 72 हजार रुपए की धनराशि का गोलमाल हुआ है जबकि मौका पर कुछ भी नहीं है। गैस सिलेंडर को लेकर भी करीब 22 हजार रुपए की अदायगी दर्शाई है। कई कार्यों में बाजार कीमत से कहीं अधिक मूल्यों पर निर्माण सामग्री की खरीद कर प्रधान के नाम लाखों के बिल लगाए हैं। ग्रामीणों ने करीब 10 लाख के गोलमाल का अंदेशा जताया है।
बिलों में टेंपरिंग के आरोप
RTI के तहत जो जानकारी जुटाई है, उसमें करीब एक लाख के बिलों के साथ टेंपरिंग करने के आरोप लगाए हैं। 2022 के बिलों पर हाथ से 2023 बनाकर सीमेंट के 200 से ज्यादा बैगों का गोलमाल किया है। गंभीर आरोप यह भी है कि दलालड़ गांव में पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा 2 लाख 93 हजार से संपर्क मार्ग का निर्माण किया है, लेकिन पंचायत ने इस काम को अपना दर्शाकर वहां एक फर्जी मस्टररोल बनाया और फर्जी हाजरियां लगाकर गोलमाल कर लिया। इसमें कई लोगों की हाजरियां दो-दो जगह एक ही दिन में पाई हैं। पंचायत प्रधान ने लाखों रुपए के बिल अपने नाम जनरेट कर राशि हड़प ली। इतना ही नहीं इस पंचायत के उपप्रधान के नाम भी करीब 36000 के बिल लगाकर पंचायती राज अधिनियमों का उल्लंघन किया है।
जांच में सब कुछ सामने आ जाएगा : विनोद कुमार
पंचायत प्रधान विनोद कुमार ने बताया कि सभी कार्य मौका पर हुए हैं जिनका बाकायदा रिकॉर्ड उपलब्ध है ग्रामीणों को अगर कोई शिकायत है तो जांच में सब कुछ सामने आ जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोप निराधार है । ऐसे ही आरोप उनपर करोना काल में भी लगे जिसपर जांच के बाद आरोप झूठे पाए गए।
जांच होगी तो गलत और सही का पता लग जाएगा : उप प्रधान विपिन कुमार
पंचायत उप प्रधान विपिन ने बताया कि अगर ग्रामीणों ने आरोप लिखित में लगाए हैं तो इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि पंचायत में किसी की मलकीयत जमीन में सरकारी रास्ता बनाए जाने को लेकर पंचायत पर दबाव बनाया जा रहा था। इसके बाद ही ये मामले सामने लाए गए। जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा कि कौन गलत हैं और कौन ठीक।


Author: Polkhol News Himachal









